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सागर जहरीली शराब कांड: समीक्षा बैठक के बाद बोले CM डॉ. मोहन यादव— ‘दोषियों को मिलेगा ऐसा सबक कि दोबारा कोई हिम्मत न करे, प्रशासन को फ्री हैंड’

सागर। जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई त्रासद मौतों के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि इस जघन्य कांड में शामिल किसी भी अपराधी या माफिया को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन को पूरी तरह ‘फ्री हैंड’ दिया गया है कि वह दोषियों के खिलाफ कठोरतम वैधानिक कदम उठाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ ऐसी दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी जो पूरे प्रदेश में नजीर बनेगी, ताकि भविष्य में कोई भी निर्दोषों की जान के साथ खेलने की जुर्रत न कर सके।

‘कांग्रेस के दौर में लचर थे नियम, हमारी सरकार ने जोड़ा आजीवन कारावास का प्रावधान’

विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों के समय अवैध शराब और मिलावटखोरी को लेकर कोई कड़े कानून मौजूद नहीं थे, जिसके कारण माफिया बच निकलते थे। हमारी सरकार ने कानून में कड़े संशोधन किए हैं, जिसमें मिलावटी व जहरीली शराब से मौत के मामलों में हत्या (धारा 302) से लेकर आजीवन कारावास और फांसी तक के कठोर दंडात्मक प्रावधान शामिल किए गए हैं। इसी सख्त कानूनी ढांचे के तहत सागर कांड के सभी आरोपियों पर शिकंजा कसा जाएगा।

अवैध अतिक्रमणों पर भी चलेगा बुलडोजर, पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट जारी

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शराब माफिया के केवल आपराधिक रिकॉर्ड की जांच तक सीमित न रहा जाए, बल्कि उनकी अवैध संपत्तियों और शासकीय भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमणों को भी चिन्हित कर जमींदोज किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन आवश्यकतानुसार हर स्तर पर सख्त कार्रवाई करे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पूरे मध्य प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ सघन अभियान चलाने और सीमावर्ती क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखने के राज्यव्यापी निर्देश जारी किए हैं।

धार्मिक-सामाजिक संगठनों के साथ नशा मुक्ति अभियान और कांग्रेस को नसीहत

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केवल पुलिसिया कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज से नशे के जहर को मिटाने के लिए धार्मिक, सामाजिक और स्वयंसेवी संगठनों के साथ मिलकर व्यापक नशा मुक्ति जन-अभियान चलाने की आवश्यकता है। विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समय पीड़ितों के आंसू पोंछने और व्यवस्था को सुधारने का है। कांग्रेस इस संवेदनशील और दर्दनाक हादसे पर ओछी राजनीति करने के बजाय सकारात्मक सहयोग की भूमिका निभाए।

समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य बिंदु

डॉ. मोहन यादव (मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश):

  • प्रशासन को फ्री हैंड: “जो भी इस अमानवीय घटना में संलिप्त है, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने के लिए प्रशासन को पूरी छूट दी गई है। जहां भी आवश्यकता हो, प्रशासन बिना किसी दबाव के सीधे प्रहार करे।”
  • अवैध संपत्तियों पर एक्शन: “माफियाओं के अवैध अतिक्रमणों और अवैध निर्माणों पर भी त्वरित बुलडोजर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।”
  • सख्त कानून का हवाला: “कांग्रेस के शासनकाल में लचर कानून थे। हमारी सरकार ने कड़े कानून बनाए हैं, जिसमें हत्या से लेकर आजीवन कारावास तक की सख्त सजा का प्रावधान है। दोषियों को ऐसा सबक सिखाया जाएगा कि दोबारा किसी की ऐसी हिम्मत न हो।”
  • राज्यव्यापी निर्देश व सामाजिक पहल: “पूरे प्रदेश में अवैध शराब के नेटवर्क को ध्वस्त करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही समाज को जागरूक करने के लिए धार्मिक और सामाजिक संगठनों को जोड़कर नशा मुक्ति का महाअभियान चलाया जाएगा।”
  • विपक्ष से अपील: “कांग्रेस इस मानवीय त्रासदी पर राजनीति करने से बाज आए और व्यवस्था सुधारने में सरकार का सहयोग करे।”

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