छतरपुर। देश की महत्वाकांक्षी केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत भू-अर्जन और विस्थापित परिवारों के पुनर्वास कार्यों की प्रगति को लेकर सोमवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से आयोजित की गई। केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं परियोजना योजना से संबंधित संयुक्त सचिव की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में ढौड़न बांध निर्माण, लिंक नहर हेतु भूमि अधिग्रहण और प्रभावित परिवारों को नवीन बसाहट स्थलों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में बिंदुवार समीक्षा की गई। बैठक में छतरपुर जिले से जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, अपर कलेक्टर विनय द्विवेदी, संबंधित एसडीएम और केन-बेतवा लिंक परियोजना के कार्यपालन यंत्री सहित प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।
त्वरित भू-अर्जन की तारीफ, शेष मुआवजा प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान संयुक्त सचिव ने छतरपुर जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए किए गए त्वरित और सुव्यवस्थित भू-अर्जन कार्य की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि इतने वृहद स्तर पर भूमि अधिग्रहण की जटिल प्रक्रिया को जिला प्रशासन के सक्रिय सहयोग और जनसंवाद से अत्यंत सुगमता व गति के साथ पूर्ण किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शेष बचे मुआवजा प्रकरणों का तेजी से निराकरण करते हुए सभी पात्र भू-स्वामियों को तय समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
नवीन बसाहटों में प्रशासन के नवाचार: राशन, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा का पुख्ता प्रबंध
संयुक्त सचिव ने परियोजना से प्रभावित परिवारों के विस्थापन के बाद छतरपुर जिला प्रशासन द्वारा अपनाए गए मानवीय दृष्टिकोण और नवाचारों की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रशासन केवल विस्थापन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नवीन बसाहटों में परिवारों की दैनिक आवश्यकताओं और जीवन स्तर को संवारने के लिए संवेदनशीलता से कार्य कर रहा है।
प्रशासन द्वारा नवीन पुनर्वास स्थलों पर किए गए प्रमुख नवाचारों में शामिल हैं:
- अस्थाई आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन: विस्थापित बस्तियों में बच्चों और धात्री माताओं के पोषण की निरंतरता बनाए रखने के लिए तत्काल आंगनवाड़ी केंद्र प्रारंभ किए गए।
- पेयजल व विद्युत व्यवस्था: शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए युद्धस्तर पर बोर कराए गए और स्थाई विद्युतीकरण के लिए त्वरित कार्यवाही जारी है।
- द्वार पर राशन और स्वास्थ्य शिविर: पुनर्वास स्थलों पर ही खाद्यान्न सामग्री (राशन) का वितरण कराया जा रहा है तथा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित कर निशुल्क दवाओं का वितरण किया जा रहा है।
- शिक्षा की निरंतरता हेतु साइकिल वितरण: बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए स्कूल आवागमन की सुविधा हेतु छात्र-छात्राओं को शासन की साइकिल वितरण योजना का लाभ प्राथमिकता से दिलाया जा रहा है।
स्थाई अधोसंरचना के प्रस्तावों पर तेजी से काम जारी
बैठक में नवीन बसाहटों में स्थाई सड़क, पक्की नाली और भूमिगत विद्युत अधोसंरचना के विकास हेतु तैयार किए जा रहे डीपीआर और प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई। संयुक्त सचिव ने स्पष्ट किया कि विस्थापितों को केवल नई भूमि आवंटित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें एक गरिमामयी जीवन और सुरक्षित परिवेश देना शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि छतरपुर जिला प्रशासन द्वारा धरातल पर जाकर जमीनी जरूरतों को चिन्हित करने और त्वरित समाधान निकालने की कार्यशैली पूरे प्रदेश और देश के लिए एक अनुकरणीय मॉडल है।











