Home / राजनीति / 65 टेंडर, 800 से ज्यादा नामांतरण फाइलें पेंडिंग एवं शहर अंधेरे में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में नगर पालिका परिषद गुना श्रीमती सविता अरविंद गुप्ता का बगावती पत्र, बोलीं देगे इस्तीफा.!!

65 टेंडर, 800 से ज्यादा नामांतरण फाइलें पेंडिंग एवं शहर अंधेरे में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में नगर पालिका परिषद गुना श्रीमती सविता अरविंद गुप्ता का बगावती पत्र, बोलीं देगे इस्तीफा.!!

*नगर पालिका परिषद गुना की प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित: अध्यक्ष श्रीमती सविता अरविंद गुप्ता के पत्र से मचा बबाल**पंकज पाराशर छतरपुर✍️*मध्य प्रदेश सियासत में राजनैतिक बबाल, गुना शिवपुरी लोकसभा क्षेत्र की नगर पालिका परिषद गुना में एक बार फिर खींचतान सामने आई है। अध्यक्ष श्रीमती सविता अरविंद गुप्ता ने केंद्रीय मंत्री और क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को तीन पन्नों का पत्र भेजकर अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पत्र में उन्होंने शहर की सफाई, स्ट्रीट लाइट, विकास कार्यों और नामांतरण से जुड़ी फाइलों के लंबित रहने का मुद्दा उठाया है।नपाध्यक्ष श्रीमती सविता अरविंद गुप्ता ने आरोप लगाया है कि पिछले करीब 15-16 महीनों में नगर पालिका परिषद गुना की प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हुई है। उनके मुताबिक तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर सह सीएमओ और वर्तमान सीएमओ के स्तर पर करीब 65 विकास कार्यों के टेंडर निरस्त या अटकाए गए। उनका दावा है कि इन फैसलों में उन्हें जानकारी नहीं दी गई।*12 हजार स्ट्रीट लाइट में 2 हजार बंद होने का दावा*पत्र में शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। नगर पालिका परिषद गुना की अध्यक्ष श्रीमती सविता अरविंद गुप्ता के अनुसार गुना शहर में करीब 12 हजार स्ट्रीट लाइटें हैं, जिनमें लगभग 2 हजार लंबे समय से बंद हैं। उनका कहना है कि रखरखाव के लिए पीआईसी ने करीब 45 लाख रुपये की मंजूरी दी थी, लेकिन इसके बावजूद टेंडर जारी करने में देरी हुई। इसी तरह श्रीराम मुक्तिधाम और कैंट मुक्तिधाम के करीब डेढ़ करोड़ रुपये के विकास कार्यों की तकनीकी स्वीकृति लंबित होने की बात भी पत्र में कही गई है।*800 से ज्यादा नामांतरण फाइलें पेंडिंग होने का आरोप*नपाध्यक्ष श्रीमती सविता अरविंद गुप्ता ने दावा किया है कि 800 से ज्यादा नामांतरण की फाइलें सीएमओ के हस्ताक्षर नहीं होने के कारण लंबित हैं। उन्होंने परिषद की बैठक बुलाने के लिए दिए गए पत्रों पर भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शहर में निर्वाचित जनप्रतिनिधि वही हैं, लेकिन अधिकारियों में बदलाव हुआ है। इसलिए नगर पालिका परिषद गुना की मौजूदा स्थिति के लिए अधिकारियों की भूमिका की जांच की जानी चाहिए।

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