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केन्या में भूख से 190 बच्चों की मौत का मामला: पादरी पॉल मैकेंजी समेत 29 दोषी, 6 नवंबर को सजा

शाकाहोला जंगल में मिले थे 429 शव, ‘ईसा मसीह से मिलने’ के नाम पर भूखे रहने का दिया जाता था उपदेशकेन्या। दुनिया के अंत और स्वर्ग में जाने के नाम पर अनुयायियों को भूखे रहने के लिए प्रेरित करने वाले स्वयंभू पादरी पॉल नथेंगे मैकेंजी को केन्या की अदालत ने हत्या के मामले में दोषी करार दिया है। इस मामले में मैकेंजी समेत कुल 29 लोगों को 191 लोगों की हत्या का दोषी ठहराया गया है। मृतकों में 190 बच्चे और एक वयस्क शामिल हैं। अदालत 6 नवंबर 2026 को दोषियों को सजा सुनाएगी।यह मामला वर्ष 2023 में सामने आया था, जब केन्या के तटीय क्षेत्र किलिफी काउंटी के शाकाहोला जंगल में सामूहिक कब्रों से बड़ी संख्या में शव मिलने लगे थे। जांच के दौरान जंगल से कुल 429 शव बरामद किए गए। इस घटना ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया था। हालांकि, हालिया फैसले में 191 हत्याओं से संबंधित मामलों में दोषसिद्धि हुई है।ईसा मसीह से मिलने के नाम पर भूखे रहने का उपदेशजांच और मुकदमे के दौरान सामने आया कि पॉल मैकेंजी ने वर्ष 2003 में गुड न्यूज इंटरनेशनल चर्च की स्थापना की थी। वह अपने अनुयायियों को कथित तौर पर उपदेश देता था कि दुनिया का अंत नजदीक है और ईसा मसीह से मिलने के लिए उन्हें भूखे रहकर अपनी जान देनी होगी।अभियोजन पक्ष के अनुसार, अनुयायियों को भोजन से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। बच्चों को पहले, फिर किशोरों, महिलाओं और अंत में पुरुषों को भूखा रखने की व्यवस्था बनाई गई थी। अदालत ने मामले में पेश साक्ष्यों के आधार पर माना कि यह केवल स्वेच्छा से किया गया उपवास नहीं था, बल्कि लोगों की मौत का कारण बनने वाली एक संगठित व्यवस्था थी।शिक्षा और अस्पताल से भी दूर रखने के आरोपरिपोर्टों के मुताबिक, मैकेंजी अपने अनुयायियों को बच्चों की औपचारिक शिक्षा और अस्पतालों में इलाज से दूर रहने की सलाह देता था। उसके उपदेशों में स्कूल और चिकित्सा व्यवस्था को लेकर विरोध जताया जाता था। अनुयायी जंगल के इलाके में अस्थायी झोपड़ियों में रहते थे।अभियोजन पक्ष ने अदालत में गवाहों और अन्य साक्ष्यों के जरिए यह साबित करने का प्रयास किया कि धार्मिक मान्यताओं के नाम पर अनुयायियों पर नियंत्रण रखा गया और भूखे रहने की व्यवस्था को लागू कराया गया।पुलिस को सूचना मिलने के बाद खुला मामलावर्ष 2023 में पुलिस को सूचना मिली थी कि मैकेंजी के अनुयायियों के बीच भूखे रहने के उपदेशों के कारण बच्चों की मौत हो रही है। इसके बाद जांच शुरू हुई और शाकाहोला जंगल में कब्रों से शव मिलने का सिलसिला सामने आया। जांच आगे बढ़ने पर मृतकों की संख्या सैकड़ों तक पहुंच गई।19 अक्टूबर 2026 को अदालत ने पॉल मैकेंजी और उसके सह-आरोपियों को 191 लोगों की हत्या के मामले में दोषी ठहराया। अब सभी की सजा पर फैसला 6 नवंबर को होना है।यह मामला धार्मिक उपदेशों के दुरुपयोग, बच्चों की सुरक्षा और अंधविश्वास के नाम पर लोगों के जीवन को खतरे में डालने जैसे गंभीर सवाल खड़े करता है।स्रोत: केन्या न्यूज एजेंसी, रॉयटर्स और एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्टें।

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