तब जच्चा-बच्चा दोनों की हालत बताई गई थी सामान्य
छतरपुर जिला अस्पताल में 29 सितंबर को बच्ची को जन्म देने वाली 26 वर्षीय प्रसूता सेवा प्रजापति की गुरुवार को मौत हो गई। प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों की हालत सामान्य बताई गई थी। प्रसूता को पीएनसी वार्ड में भर्ती किया गया था। गुरुवार सुबह उसका पति बिना डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ को सूचना दिए उसे अस्पताल से बाहर ले गया। बाद में तबीयत बिगड़ने पर वह उसे वापस जिला अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के अनुसार आजाद चौक निवासी बबलू प्रजापति 29 सितंबर की सुबह प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी सेवा को ई-रिक्शा से जिला अस्पताल लेकर पहुंचा था। सुबह करीब 7.41 बजे सेवा ने बच्ची को जन्म दिया। लेबर रूम में करीब दो घंटे निगरानी के बाद जच्चा-बच्चा दोनों की स्थिति सामान्य मिलने पर प्रसूता को पीएनसी वार्ड में शिफ्ट किया गया था।
पति बबलू के अनुसार वह पत्नी को निजी अस्पताल में भी दिखाना चाहता था। इसी कारण गुरुवार सुबह करीब 8 बजे वह बिना अस्पताल स्टाफ को बताए पत्नी को लेकर बाहर निकल गया। निजी अस्पताल बंद मिलने के बाद वह उसे कमरे पर ले गया। करीब दो-तीन घंटे बाद सेवा की तबीयत बिगड़ने लगी। बबलू उसे जिला अस्पताल लेकर आ रहा था, लेकिन आजाद चौक के पास उसकी मौत हो गई। इसके बाद उसे अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
बबलू के मुताबिक यह उनका पांचवां प्रसव था। पहले तीन बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब डेढ़ साल की एक बच्ची घर पर है। दो दिन पहले जन्मी नवजात बच्ची फिलहाल परिजनों के पास है। पति और परिजनों ने बिना डॉक्टरों की जानकारी के प्रसूता को अस्पताल से बाहर ले जाने को अपनी गलती बताया है।












