झांसी/मऊरानीपुर। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से जुड़े कथित ‘पुत्र योग’ के एक पर्चे को लेकर विवाद सामने आया है। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के मऊरानीपुर निवासी राजेंद्र श्रीवास का दावा है कि वर्ष 2024 में बागेश्वर धाम में उनकी पत्नी से संबंधित पर्चे में ‘पुत्र योग’ बनने की बात लिखी गई थी। इसके बाद परिवार ने संतान की योजना बनाई, लेकिन 11 जून 2026 को उनकी पत्नी ने चौथी संतान के रूप में बेटी को जन्म दिया।राजेंद्र के मुताबिक, उनके पहले से तीन बेटियां हैं और उस समय सबसे छोटी बेटी करीब 9-10 वर्ष की थी। उनका कहना है कि परिवार ने पहले चौथे बच्चे की योजना नहीं बनाई थी, लेकिन बागेश्वर धाम में पर्चे पर कथित तौर पर ‘पुत्र योग’ लिखे जाने के बाद उन्हें बेटे की उम्मीद हुई और वर्ष 2025 में उन्होंने दोबारा संतान की योजना बनाई।11 जून को हुई बेटी, फिर उठे सवाल राजेंद्र के अनुसार, 11 जून 2026 को उनकी पत्नी ने चौथी संतान के रूप में बेटी को जन्म दिया। इसके बाद उन्होंने कथित पर्चे में लिखी ‘पुत्र योग’ की बात पर सवाल उठाया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने 19 सितंबर को अपनी पत्नी और नवजात बच्ची के साथ बागेश्वर धाम पहुंचकर इस संबंध में जवाब मांगने की कोशिश की।कुछ रिपोर्टों में राजेंद्र की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि धाम पहुंचने पर उन्हें उचित जवाब नहीं मिला और उन्हें वहां से बाहर जाने के लिए कहा गया। हालांकि, इस संबंध में अलग-अलग रिपोर्टों में विवरण अलग हैं और बागेश्वर धाम प्रबंधन या पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ओर से इस विशेष मामले पर आधिकारिक पक्ष सामने आने की पुष्टि नहीं हुई है।अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति से किया संपर्क मामले के सामने आने के बाद राजेंद्र ने अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के पदाधिकारियों से संपर्क किया। समिति की ओर से कथित ‘पुत्र योग’ के दावे की वैज्ञानिक जांच की मांग किए जाने की बात सामने आई है। कुछ रिपोर्टों में समिति की ओर से धीरेंद्र शास्त्री को कथित चमत्कारिक शक्ति साबित करने की चुनौती और एक करोड़ रुपये के इनाम का उल्लेख भी किया गया है।‘बेटी से कोई शिकायत नहीं’इस मामले में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि राजेंद्र ने बाद में अपनी नवजात बेटी को लेकर अपनी नाराजगी से इनकार किया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उनका कहना है कि बेटी से उन्हें कोई शिकायत नहीं है और वह उसे अच्छी शिक्षा देकर आगे बढ़ाना चाहते हैं। उनका कहना है कि वह इस मामले को इसलिए सामने ला रहे हैं ताकि दूसरे लोग भी किसी दावे पर आंख बंद करके विश्वास करने से पहले उसके बारे में सोचें।क्या है इस मामले की मौजूदा स्थिति?फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर यह मामला राजेंद्र श्रीवास के आरोप और कथित पर्चे पर आधारित है। पर्चे की स्वतंत्र सत्यता, उसमें वास्तव में क्या लिखा था और उसे किसने लिखा था—इन बिंदुओं की स्वतंत्र पुष्टि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्रोतों से नहीं हुई है। इसी तरह, पुलिस में FIR दर्ज होने की भी अभी स्पष्ट पुष्टि नहीं मिली है। वहीं, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री या बागेश्वर धाम प्रबंधन की ओर से इस आरोप पर आधिकारिक जवाब सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। नोट: हालांकि दंपति के आरोपों की चैनल स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है












