छतरपुर। बिजावर में ₹10 हजार रिश्वत मांगने और शासकीय जमीन में अवैध प्रविष्टि के मामले में 2 पटवारी निलंबित।।एसडीएम ऋषिकेश ठाकरे की कार्रवाई, लल्लू राम कोंदर और जितेंद्र कौशिक का निलंबन; तहसील कार्यालय बिजावर बना मुख्यालय। ।बिजावर मे शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही और गंभीर कदाचरण के मामलों में एसडीएम बिजावर ऋषिकेश ठाकरे ने दो पटवारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। कार्रवाई कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देशन में की गई। दोनों पटवारियों को जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब असंतोषजनक पाए जाने के बाद निलंबित किया गया।पहले मामले में पटवारी लल्लू राम कोंदर, तत्कालीन पटवारी हल्का नंबर 06 निमानी, पर ग्राम निमानी की शासकीय भूमि में सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना कथित रूप से अवैध प्रविष्टियां करने का आरोप है। नायब तहसीलदार मंडल बाजना की रिपोर्ट के आधार पर उन्हें नोटिस जारी किया गया था। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।वहीं दूसरे मामले में पटवारी जितेंद्र कौशिक, हल्का नंबर-25 मुडिया, के खिलाफ नामांतरण प्रकरण में 10 हजार रुपए रिश्वत मांगने का आरोप सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार ग्राम वेवसा, हल्का मुडिया स्थित खसरा नंबर 16/1, 17 और 18/2 की कुल 2.598 हेक्टेयर भूमि की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए शिकायतकर्ता से परिचित व्यक्ति के माध्यम से रिश्वत मांगने का उल्लेख किया गया था। नोटिस के जवाब को असंतोषजनक पाए जाने पर उनके खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की गई।दोनों पटवारियों का निलंबन अवधि में मुख्यालय तहसील कार्यालय बिजावर निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार निलंबन भत्ता देय होगा। प्रशासन ने कार्रवाई के जरिए राजस्व कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन बनाए रखने का संदेश दिया है।












