छतरपुर। जिले के बमीठा थाना क्षेत्र के गंगवाहा गांव निवासी और बमीठा ग्रामीण बैंक में चपरासी के पद पर पदस्थ राजू पाल के लापता होने और बाद में केन नदी में शव मिलने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। परिजनों और समाज के लोगों ने मामले में गांव के ही सत्यम शुक्ला पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।बताया जा रहा है कि करीब चार दिन पहले राजू पाल अचानक लापता हो गए थे। इस दौरान उनकी पत्नी से फोन पर बातचीत हुई थी। राजू ने कथित तौर पर बताया था कि वह बागेश्वर धाम में हैं। इसके बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन जब उनका कोई पता नहीं चला तो बमीठा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।इसी बीच परिजनों को राजू पाल के मोबाइल में एक वीडियो मिला, जिसमें कथित तौर पर राजू गांव के ही सत्यम शुक्ला पर धमकी देने और जान से मारने का आरोप लगाते हुए दिखाई दे रहे थे। वीडियो सामने आने के बाद परिजनों और समाज के लोगों में आक्रोश फैल गया।करीब 8 घंटे हाईवे पर चला प्रदर्शनराजू पाल की तलाश और मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों, रिश्तेदारों और समाज के लोगों ने बमीठा में नेशनल हाईवे पर करीब 8 घंटे तक जाम लगा दिया। पुलिस और प्रशासन की समझाइश के बाद किसी तरह जाम समाप्त कराया गया।इसके करीब दो दिन बाद राजू पाल की गाड़ी मंडल के पास केन नदी के पुल पर मिली। इसके बाद पुलिस ने एनडीआरएफ टीम की मदद से केन नदी में तलाश अभियान शुरू किया। करीब 24 घंटे की तलाश के बाद राजू पाल का शव नदी से बरामद कर लिया गया।पोस्टमार्टम के बाद फिर हाईवे जामशव को पोस्टमार्टम के लिए छतरपुर जिला अस्पताल लाया गया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया और एक बार फिर बमीठा में नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया।करीब 5 घंटे तक जाम लगा रहा। परिजनों और समाज के लोगों की मांग थी कि सत्यम शुक्ला के खिलाफ हत्या के मामले में कार्रवाई की जाए, तभी वे शव लेकर अंतिम संस्कार करेंगे।बाद में पुलिस और प्रशासन की समझाइश तथा परिजनों के साथ हुई बातचीत के बाद परिजन शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए।पुलिस बोली- हर पहलू से हो रही जांचपुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। सत्यम शुक्ला को हिरासत में रखे जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।आरोपी के परिजनों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर दिया आवेदनवहीं, सत्यम शुक्ला के परिजन भी छतरपुर एसपी कार्यालय पहुंचे और आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका कहना है कि राजू पाल की मौत से उनके भाई का कोई लेना-देना नहीं है।परिजनों ने पुलिस से मांग की कि राजू पाल की मौत के वास्तविक कारणों की निष्पक्ष जांच की जाए और जो भी व्यक्ति मामले में संलिप्त पाया जाए, उसके खिलाफ हत्या सहित उचित धाराओं में कार्रवाई की जाए। साथ ही उनका कहना है कि यदि जांच में सत्यम शुक्ला की संलिप्तता नहीं पाई जाती है तो उसे मामले से मुक्त किया जाए।फिलहाल राजू पाल की मौत नदी में डूबने से हुई, आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, यह जांच का विषय है। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।












