रिकवरी पर कुंडली मारकर बैठी पुलिस, सिविल लाइन थाने में दर्ज अपराध क्र. 0389 में अब तक नहीं हुई फूटी कौड़ी की वसूली
प्रदेश उपाध्यक्ष Lakhan Anuragi ने SP को सौंपा पत्र…कार्यवाही की मांग उठाई, गंभीर आरोप लगाए
छतरपुर पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार और अपने ही चहेतों को बचाने का खुला खेल चल रहा है। जिले के पुलिस पेट्रोल पंप में हुए 65 लाख रुपये के भारी-भरकम गबन के मामले में रक्षित निरीक्षक पूर्णिमा मिश्रा की भूमिका सीधे तौर पर सवालों के घेरे में आ गई है। पंप के पूरे हिसाब-किताब और देख-रेख की सीधी जिम्मेदारी संभालने वाली आरआई को पुलिसिया जांच में क्लीन चिट जैसी राहत देकर एफआईआर से बाहर रखने और गबन की रकम डकारने वालों पर कार्रवाई न होने को लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट लखन लाल अनुरागी ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपकर मोर्चा खोल दिया है।
FIR दर्ज, पर रिकवरी और गिरफ्तारी शून्य
आरटीआई से मिले दस्तावेजों के अनुसार, तत्कालीन एसपी के निर्देश पर हुई जांच के बाद सिविल लाइन थाने में 17 मई 2025 को अपराध क्रमांक 0389/2025 दर्ज किया गया था। इस मामले में नामजद अभियुक्त सेवा निवृत एएसआई राजभवन सिंह, आरक्षक भूपत सिंह, प्रधान आरक्षक ज्ञानप्रकाश अहिरवार, सेल्समेन महबूब अली, कलेक्टर सिंह बुंदेला बनाए गए थे। लेकिन महीनों बीत जाने के बावजूद सिविल लाइन पुलिस ने न तो नामजद आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा और न ही जनता के टैक्स व सरकारी खजाने के 65 लाख रुपये की रिकवरी की कोई प्रक्रिया शुरू की। आरोप है कि थाना प्रभारी स्तर से आरोपियों को खुला संरक्षण दिया जा रहा है।
हिसाब-किताब की कर्ता-धर्ता आरआई पर मेहरबानी क्यों?
शिकायतकर्ता ने तीखा सवाल उठाया है कि जिस पुलिस पेट्रोल पंप का वित्तीय नियंत्रण और संपूर्ण प्रबंधन आरक्षित निरीक्षक पूर्णिमा मिश्रा के हाथों में था, उस 65 लाख के गबन कांड में उन्हें मुख्य अभियुक्त क्यों नहीं बनाया गया? आरआई का नाम एफआईआर से गायब रखना खाकी की दाल में काले की ओर साफ इशारा करता है।
लोक जनशक्ति पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष लखन अनुरागी ने पूरे वित्तीय गबन की जिम्मेदार आरआई पूर्णिमा मिश्रा को मामले में तत्काल सह-आरोपी बनाये जाने, गबन किए गए 65 लाख रुपये की शासकीय कोष में अविलंब रिकवरी कराई जाने, खाकी की आड़ में भ्रष्टाचार करने वाले सभी दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की मांग पुलिस अधीक्षक छतरपुर को पत्र सौंपकर की है।












